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निद्रा, भोजन, भोग व भय के स्तर पर मनुष्य व पशु एक जैसेः तिवारी

जौनपुर। मानव योनी दुर्लभ व भाग्यशाली मानी जाती है। यह भाग्य मनुष्य के रूप में केवल मात्र पैदा होने से नहीं, बल्कि उस लक्ष्य की प्राप्ति से जुडे़ हैं जिसके लिये मनुष्य को उत्तम दर्जा दिया गया है। निद्रा, भोजन, भोग व भय के स्तर पर मनुष्य और पशु एक जैसे ही है। ब्रम्हाज्ञान ही इंसान को पशु से श्रेष्ठ बनाता है, इसलिये और भी दुर्लभ है पूर्ण सद्गुरू की शरण में पहुंचकर परम पिता परमसत्ता का साक्षात् ज्ञान लेकर जीवन के परम लक्ष्य को प्राप्त करना। उक्त उद्गार जनपद के उतरगावां में महात्मा लालचन्द विश्वकर्मा द्वारा आयोजित वार्षिक निरंकारी सत्संग समारोह में उपस्थित विशाल संत समूह को सम्बोधित करते हुये मानिक चन्द तिवारी जोनल इंचार्ज ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्याम लाल साहू संयोजक, दुर्गा प्रसाद तिवारी, शेरमल, सुबाष प्रजापति, लालचन्द विश्वकर्मा, सविता, बालकृष्ण जायसवाल, डा. आनन्द, मुन्ना, सुनीता, कविता सहित तममा लोग उपस्थित रहे। मंच का संचालन उदय नारायण जायसवाल ने किया।

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