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jaunpur : मौसम की दगाबाजी: परती रह गये खेत

जौनपुर । प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने की घोषणा पर मौसम पानी फेर रहा है। उस क्रम में कार्य भी हो रहे हैं कितु इस साल जनपद के किसानों के साथ मौसम ने ऐसी दगाबाजी की है कि किसानों के चेहरे मुरझाने लगे हैं। जिले में किसान अमूमन इस सीजन के फसल धान, अरहर, मक्का आदि की बोआई आद्रा में पांच दिन के बाद कर देते हैं। आद्रा नक्षत्र भी 22 जून से शुरू होकर छह जुलाई को समाप्त हो गया। इधर 17 जुलाई तक भी जिले में बारिश नहीं हुई। इससे दो लाख हेक्टेयर भूमि परती रह गई। जनपद में 30 हजार हेक्टेयर में जो किसान धान की बोआई कर भी दिए थे उनके पौधे भी सुख रहे हैं। खेतों में दरारें पड़ गई हैं। बारिश नहीं होने से सवा लाख किसान प्रभावित हो गए हैं। सब जानते है कि बिना बारिश के सिर्फ संसाधनों से सिचाई करके धान की फसल नहीं हो सकती। लेकिन अब तक वैसी बारिश के आसार भी नहीं दिख रहे है। अब तो खेतों की मिट्टी भी पथरीली जैसी होने के कगार पर आ चली है। बिना घनघोर बारिश के उस पर सिचाई का भी कोई खास असर नहीं पड़ने वाला है। किसान की धान की नर्सरी सूखने लगी है।  सरकार आय दोगुना करना चाहती है तो उसे किसानों को संसाधन देने होंगे, प्रकृति पर निर्भर रह कर खेती से आय दोगुना नहीं किया जा सकता। वजह कि जब उत्पादन ही नहीं होंगे तो किसान क्या बेचेंगे।  जनपद में सिचाई के साधन का अभाव है। इस वजह से किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। अभाव के कारण ही इस साल भारी तादाद में कसानों के खेत परती रह गए हैं। बारिश नहीं होने से जनपद के किसानों का बड़ा नुकसान हो रहा है। भारी तादाद में खेत परती रह गए हैं। खुद के संसाधन से जिन खेतों में बोआई हो चुकी है उन्हें भी अनुकूल मौसम नहीं मिल रहा है। जिसके चलते पौधे सुख रहे है। अभी तक शासन से जनपद को सूखाग्रस्त घोषित करने के संबंध में कोई निर्देश नहीं आया है।

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