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भाजपा से चंद्रभूषण पांडेय की दावेदारी से विरोधियो में हड़कम्प ,बदल सकते है सियासी समीकरण

जौनपुर । देश के सबसे बड़े लोकतंत्र के पर्व का बिगुल बज चुका है अब धीरे धीरे चुनावी बयार बहने भी लगी है । हम बात करते है जौनपुर संसदीय क्षेत्र की जहा इस बार किस दल का दबदबा कायम होगा यह तो अभी अधर मे है।लेकिन आमजन मानस मे गुणा भाग और कयास आरियो का दौर शुरु हो चुका है।विगत एक दशक से अधिक समय तक यह गढ समाजवादी और बसपा दुर्ग के रुप मे अपनी पहचान बनाये हुए था। लेकिन मोदी लहर में यहाँ से डॉ के पी सिंह ने भाजपा से अपना परचम लहरा दिया था । सांसद बनने के बाद डॉ के पी सिंह जनता की उम्मीदों पर खरा नही उतरे । बसपा और सपा का प्रत्याशी तीसरे और चौथे स्थान पर रहा।अब दोनो दलो ने गठबंधन भी कर लिया है । 

एक तरफ लोकसभा चुनावो के दरिम्यान भाजपा के साथ साथ प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की प्रतिष्ठा दाँव पर लग चुकी है । ऐसे में अगर भाजपा जौनपुर संसदीय सीट से किसी कुशल योग्य प्रत्याशी का चयन करती है तो शायद चुनावी समर में कामयाब हो जाये । विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा की बैठक में शीर्ष नेरतित्व ने यह तय किया है की सेवानिवृत्त अधिकारियों और पूर्व सेना के अधिकारियों को भी इस बार लोकसभा का टिकट दिया जाएगा , ऐसे में जौनपुर लोकसभा से ये प्रबल संभावना है कि भाजपा  वरिष्ठ नेता चंद्र भूषण पांडेय पर अपना दाव लगाएगी , श्री पांडेय 36 साल की उम्र में ही पीसीएस की सेवा से त्यागपत्र देकर समाजसेवा का कठिन मार्ग चुन लिया था , साथ ही श्री पांडेय के प्रत्याशी होने से ब्राह्मण मतदाता का पूरा रुझान भी भाजपा के पाले में रहेगा ।
चंद्र भूषण पांडेय की जिन्होंने बदल दिए राजनीति के मायने दुनिया में बहुत कम लोग ही होते हैं जो राजनीति को वास्तविकता में समाज सेवा का जरिया मानते हैं। चंद्र भूषण पाण्डेय जो जनपद के सुल्तानपुर गांव (सिरकोनी)के मूल निवासी  है, जिन्होंने राजनीति के क्षेत्र में अपने अलग विचारों से एक नई पहचान कायम की है।  चंद्र भूषण पाण्डेय जी के व्यक्तित्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मात्र 36 साल की उम्र में ही पीसीएस की सेवा से त्यागपत्र देकर समाजसेवा का कठिन मार्ग चुन  लिया। जिसे वह आज तक पूरी कर्मठता औऱ निष्ठा के साथ निभा रहे हैं।  पाण्डेय  जी अपने सरल और मददगार छवि के कारण बेहद ही लोकप्रिय हैं। उनके इसी व्यवहार के चलते जौनपुर की जनता उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के रूप में देखना चाहती हैं। समाज के लोगों के प्रति पूरी तरह समर्पित ऐसे राजनीतिज्ञ आसानी से नहीं मिलते। वे पीसीएस की सेवा छोड़  कर  समाजसेवा का रास्ता चुना चंद्र भूषण पाण्डेय जी का हमेशा से ही समाज सेवा की ओर रुझान रहा।  वे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों ही जगहों से पीसीएस के लिए चयनित हुए पाण्डेय जी ने समाजसेवा के लिए एक प्रतिष्ठित नौकरी का मोह भी नहीं किया और मात्र 36 साल की कम उम्र में ही उसे छोड़कर समाज सेवा का मार्ग अपनाया। आज भी वह अनवरत रूप से समाज सेवा के  कार्य में पूरी लगन से लगे हुए हैं। उनकी इसी लगन और मेहनत का नतीजा है कि उन्हें जनता का पूरा प्यार और स्नेह लगातार मिलता रहता है। जनता की मांग है कि उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर उतारा जाना चाहिए।  श्री पान्डेय की असली राजनीतिक उपलब्धियां यह है कि वे बेहद सरल और विनम्र स्वभाव वाले चंद्र भूषण पाण्डेय समाज सेवा के साथ ही राजनीति में लगातार सक्रिय रहते हैं। वह वर्ष 2010 से मिशन कल के लिए जल के लिए अभी तक करीब 50000 किलोमीटर की पद  यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने स्वयं इस मिशन की स्थापना की थी। इसके लिए वह यमुना और गोमती तट पर लंबी यात्राएं भी कर चुके हैं। उन्होंने प्रयागराज में हरित धरती आश्रम की भी स्थापना की और वहां अष्ट वृक्ष रोपण का  अभियान भी चलाया। समाज सेवा के कार्यों में उन्होंने एक से बढ़कर एक सामाजिक कार्य  किए हैं। उन्होंने तालाबों के संरक्षण और  उनके विकास को ध्यान में रखकर आओ तालाब चलें अभियान पर भी विशेष जोर दिया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के विकास के स्वप्न को साकार करने के लिए यूपी डेवलपमेंट फाउंडेशन की स्थापना की। जिसमें विशेषज्ञों की समिति का गठन किया। वह बागवानी और नौकरशाही पत्रिका के संपादक भी रहे। उन्होंने तत्कालीन मायावती और अखिलेश सरकार के राज में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए अनेक प्रेस वार्ताओं का आयोजन कर आम जनमानस को उनके जन बिरोधी कार्यों को जनमानस तक पहुचाया औऱ उनके द्वारा किए गये भ्रष्टाचार को उजागर   किया। जिसमें विभागवार तथ्यों को प्रस्तुत कर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी लड़ाई में सहयोग दिया। उन्होंने किसानों के उत्थान के लिए भी तमाम कार्य किए जिसमें जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए लिविंग स्वायल प्रोग्राम और अभियान का आयोजन कराया।
 चन्द्र भूषण पान्डेय की  राजनीतिक यात्रा भी लंबी रही है
वे  बेहद ही सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी हैं। उनकी व्यवहार कुशलता  के चलते उनका  समाज के लोगों के साथ जुड़ाव देखकर हर कोई उनकी प्रशंसा करता है। वर्ष 1972 में जन्में  पाण्डेय  जी का एक लंबा राजनीतिक सफर रहा है।वर्तमान मे वे  वह उत्तर प्रदेश में बीजेपी के मीडिया स्पोक्सपर्सन के रूप में काफी चर्चित शख्सियत हैं। वह संयोजक, सुशासन एवं केन्द् तथा राज्य शासकीय कार्यक्रम सन्वयन विभाग, उत्तर प्रदेश  के सयोजंक भी हैं। इसके अलावा भी वह कई महत्वपूर्ण पदों को बखूबी संभाल चुके हैं। वह नमामि गंगे अभियान समिति के  सदस्य, बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति के भी सदस्य रहे है । दीन दयाल उपाध्याय जन्मशती समारोह समिति के सदस्य रहते हुए उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया। चंद्र भूषण पाण्डेय जी ने आदर्श विद्यालय अभियान के प्रदेश प्रमुख के रूप में अपने दायित्वों को खूब अच्छी तरह से निभायाहै । इसके साथ ही उन्हें जौनपुर लोकसभा सीट से 2014 में संसदीय बोर्ड के विचारार्थ पैनल में शामिल किया गया थ। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के लोगों को समर्पित कर दिया है।

2 comments

  1. आदरणीय पान्डेय जी का समस्त कार्य बहुत ही सराहनीय रहा है ऐसी प्रतिभा प्रभु बहुत कम लोगों देते हैं ।जयहिन्द जयभारत

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  2. Dr.kp Singh ki tarah inko kaun janta hai jaunpur me

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