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लखनऊ में दुर्गा पूजा ने बनाया विश्व रिकर्ड पी एम मोदी ने बधाई


सज्जाद बाक़र


लखनऊ-भारत विविधताओं में एकता का देश है।यहां अनेक प्रकार के जाति-धर्म के लोग बड़े ही प्रेम और सद्भावना के व भाईचारे के साथ रहते हैं। ये देश तमाम त्योहारों के उत्सवों से बारहों मास प्रफुल्लित रहता है।जहाँ हर त्यौहार का अपना एक विशेष महत्व होता है,लेकिन जब बात आती है शक्ति की उपासना के महापर्व यानी की दुर्गा पूजा की तो हिंदू धर्म में मनाए जाने वाले इस महापर्व की रौनक पूरे भारत भर में विशाल रूप से देखने को मिलती है।दुर्गा पूजा भारतीय राज्यों असम, बिहार,झारखंड,मणिपुर, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में व्यापक रूप से मनाया जाता है,लेकिन साल 2019 की दुर्गा पूजा कई मायनों में लखनऊ वासियों के लिए बेहद खास रही।जहां विगत वर्षों से इस महापर्व का विशाल आयोजन उक्त राज्यों में होता रहा है,वहीं इस बार यानी कि साल 2019 की दुर्गा पूजा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस भव्यता के साथ आयोजित की गई कि उसे भारत सरकार की तरफ से विश्व के सबसे भव्य आयोजन के रूप में स्वीकार किया गया और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की तरफ से प्रशंसा पत्र भेट किया गया।
राजधानी लखनऊ के सहारा स्टेट में सद्भावना सांस्कृतिक समिति के अथक प्रयासों से इस बार राजधानी के इस भव्य पंडाल को विश्व के सबसे बड़े पंडाल के रूप में मान्यता मिली है।करीब 40198 स्क्वायर फीट में बना मां दुर्गा का ये भव्य पंडाल देखकर ना सिर्फ लखनऊ वासियों की बल्कि पूरे विश्व के लोगों की श्रद्धा कई गुना बढ़ गई।इस बार इस भव्य पंडाल को फिल्म बाहुबली के राजमहल की थीम पर सुशोभित किया गया था।जहां प्रतिदिन करीब एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती थी।जिस पंडाल में लखनऊ के बड़े से बड़ा नवाब मां के चरणों में अपनी अरदास लगाने पहुंच रहा था।मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासियों के द्वारा राजधानी लखनऊ की सरजमी पर इस तरह के भव्य आयोजन को देखने के लिए मानो पूरा लखनऊ टूट पड़ा हो।सबसे खास बात यह रही कि इस पंडाल में देश के अन्य राज्यों से भी लोग आए हुए थे।बात चाहे खानपान की हो,या फिर वेशभूषा की हो,यहां अन्य राज्यों की संस्कृति भी देखने को मिली।कार्यक्रम की शोभा को बढ़ाने के लिए तमाम नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ उम्र के सारे बंधनों को तोड़ते हुए कई सारे श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया।और शायद यही वजह है कि आज इस पंडाल को विश्व का सर्वोच्च पंडाल माना गया है। 
इस पूरे भव्य कार्यक्रम के कर्ताधर्ता और सद्भावना संस्कृत समिति के प्रमुख सौरव बंधोपाध्याय और उनकी टीम ने लखनऊ में सुशोभित विशाल पंडाल को विशाल दर्जा दिलाने के लिए अथक परिश्रम किया जहां इस बार की नवरात्रि में मौसम ने अपना एक अलग ही रुख दिखाया था वहीं इनके अडिग संकल्प और दृढ़ निश्चय से पूरे विश्व भर में मां दुर्गा के इस पंडाल ने एक अलग पहचान बनाई।साथ ही अमेरिका की एक बड़ी संस्था के द्वारा इसे विश्व के सर्वोच्च पंडाल का दर्जा मिला।

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