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जौनपुर। माता पिता या दोनो में से किसी एक के मौत के बाद अनाथ हुए बच्चो के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना संजीवनी बन गयी है।

जौनपुर। माता पिता या दोनो में से किसी एक के मौत के बाद अनाथ हुए बच्चो के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना संजीवनी बन गयी है। जिले के एक सौ से अधिक बच्चों को इस योजना के तहत प्रति बच्चे को ढ़ाई सौ रूपये प्रति माह दिया जा रहा है। इस पैसे से बच्चे पढ़ाई लिखाई और जीवन यापन कर रहे है।  

यूपी सरकार ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना चलाई है। इस योजना में कोरोना संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चों की देखभाल के लिए वयस्क होने तक प्रति माह चार हजार रूपये तथा अन्य कारणो से अपने माता पिता को खोने वाले अनाथ हुए बच्चो के लिए प्रति माह 25 सौ रूपये देने का प्राविधान है। जिलें कोविड-19 के अलावा अन्य कारणों से हुई मौतो से अनाथ हुए 101 बच्चों को ढ़ाई-ढ़ाई सौ रूपये दिया जा रहा है। ये सभी लाभार्थी बच्चे वयस्क नही है इस लिए "किशोर न्याय बालकों का देख रेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015" के तहत नाम पता उजागर नही किया जा सकता है।  

इस योजना का लाभ लेने के लिए यहां पर करे आवेदन  

ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को ग्राम विकास पंचायत अधिकारी या विकासखंड या जिला प्रमोशन अधिकारी कार्यालय में जाकर अपना आवेदन करना होगा एवं शहरी क्षेत्र के नागरिकों को अपने लेखपाल, SDM या जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा । 

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