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जौनपुर ..शाहीपुल पर स्थित शेर , हाथी की मूर्ति के पास से हटा ले अतिक्रमण , वरना चलेगा बुलडोजर : C.R.O


जौनपुर। अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व रजनीश राय द्वारा आज शाहीपुल पर स्थित शेर की मूर्ति के चारों तरफ कतिपय लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। इन लोगों द्वारा भारतीय पुरातत्व विभाग की सम्पत्ति को अत्यन्त खराब तरीके से विरूपित किया गया है। भारतीय पुरातत्व विभाग की सम्पत्ति को इन लोगों द्वारा विशेषण किये जाने के कारण अपना वास्तविक स्वरूप खो चुकी है। इन लोगों को 07 दिसम्बर 2021 व 31 दिसम्बर 2021 को निर्गत नोटिसों के विरुद्ध कुछ लोगों द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद की शरण में गये लेकिन  उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने इन्हें कोई राहत प्रदान नहीं किया। इन लोगों के पास कोई आवंटन नही है न ही पुरातत्व विभाग की सम्पत्ति पर कब्जा करने की एवज में गत 35-40 वर्षों का कोई किराया सरकार /पुरातत्व विभाग में जमा किया गया है। 

 23 अप्रैल 2022 को अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व द्वारा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद जौनपुर व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जौनपुर के साथ स्थल का भ्रमण कर इन्हें अवगत कराया गया कि पुरातत्व विभाग की सम्पत्ति का जो विरोपण इनके द्वारा चबूतरा व टीनसेड द्वारा किया गया है, उसे तत्काल हटा लें अन्यथा कल नगर पालिका परिषद द्वारा विरोपण हटवाया जायेगा तथा अतिक्रमण हटवाने में आने वाले खर्च को संबंधित से वसूल किया जायेगा। इस प्रकरण में 07 दिसम्बर 2021 से लगातार इन्हें सचेत किया जाता रहा है कि भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षण में संरक्षित सम्पत्ति पर अवैध रूप से कब्जा करके व्यवसायिक गतिविधियों संचालित कर रहे है। परन्तु इनके द्वारा कोई साक्ष्य/अभिलेख मेरे कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया, जबकि कई वर्षो से यह लोग भारतीय पुरातत्व विभाग की सम्पत्ति पर बिना किसी वैध किराये के काबिज होकर व्यवसायिक गतिविधियों करते चले आ रहे है।

 भारतीय पुरातत्व विभाग के पक्ष में सम्पूर्ण बकाये किराये का भुगतान कर दें और साक्ष्य स्वरूप रशीद आदि इस कार्यालय में प्रस्तुत करें अन्यथा की स्थिति में भारतीय पुरातत्व विभाग की सम्पत्ति में संचालित दुकान को स्वय खाली कर दें। परन्तु इन पर इनका प्रभाव नहीं पडा।  उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा भी इन्हें कोई राहत प्रदान नही की गयी क्योंकि ये लोग अत्यन्त अवैधानिक बातों को लेकर  उच्च न्यायालय की शरण में गये थे। जिला प्रशासन द्वारा इन्हें पर्याप्त नोटिस पिछले 4-5 महीनें से दिया जा रहा था लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। आज इन्हें अन्तिम रूप से सचेत किया गया कि आज शाम तक वह अपना अवैध अध्यासन स्वंय हटा लें जिससे ऐतिहासिक महत्व की भारतीय पुरातत्व विभाग की सम्पत्ति विरोपित हुई है। यदि इनके द्वारा आज शाम तक चबूतरा व टीनसेड नही हटाया जाता है तो नगर पालिका परिषद के माध्यम से चबूतरा व टीन सेड तत्काल हटा दिया जायेगा साथ ही यदि अगले सप्ताह में अपना अवशेष लगभग 40-45 साल का किराया इनके द्वारा भारतीय पुरातत्व विभाग या स्थानीय तहसील के रजिस्टर नम्बर 4 में जमा नहीं किया जाता है तो अगले रविवार यानि 01 मई 2022 को समस्त दुकानों को सील कर दिया जायेगा। यदि  उच्च न्यायालय का कोई विधिक आदेश प्राप्त होता है तो उसका अनुपालन किया जायेगा। यह कार्यवाही पुरातत्व विभाग की अन्य सम्पत्तियों पर भी की जायेगी।

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