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हक की बात जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम का आयोजन

जौनपुर । मिशन शक्ति अभियान फेज 4.0 के तहत कलेक्ट्रेट सभागार में ’’ हक की बात जिलाधिकारी ’’ के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें यौन हिंसा, लैंगिक असमानता, घरेलू हिंसा, कन्या भ्रुणहत्या, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न तथा दहेज हिंसा आदि के संबंध में संरक्षण, सुरक्षा तंत्र, सुझाव, सहायता व कानूनी सहायता आदि विषयों को लेकर दो घंटे के पारस्परिक संवाद किया गया। 
             कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं व बालिकाओं की यौन हिंसा, घरेलू हिंसा, कन्या भ्रुण हत्या, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, व दहेज हिंसा आदि के संबंध में संरक्षण सुरक्षा तंत्र सुझाव एवं सहायता हेतु जानकारी प्रदान करना व उन्हें जागरूक करना था।

             कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, अध्यक्ष आकांक्षा समिति अंकिता राज, उपजिलाधिकारी मड़ियाहूं अर्चना ओझा, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय, जिला दिव्यांग जन अधिकारी दिव्या शुक्ला व जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार ने बारी-बारी से छात्राओं एवं महिलाओं के सवालों का जवाब दिया।

            जिलाधिकारी ने उपस्थित बालिकाओं के प्रश्नों को सुनते हुए बड़े ही शालीनता से जबाब देते हुए कहा कि अत्याचार सहेंगे तो बढ़ता चला जाएगा। अपने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना पड़ेगा। सभी अभिभावकों से कहा कि आवाज उठाने के लिए बच्चियों को प्रोत्साहित करें, उनका आत्मबल मजबूत करने की आवश्यकता है। घर, स्कूल, मोहल्ला, कार्यालय कहीं पर भी कोई उत्पीड़न न हो। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित को निर्देशित किया कि जीजीआईसी, कस्तूरबा गांधी और निजी विद्यालयों में ताइक्वांडो का प्रशिक्षण अवश्य कराएं।
                कार्यक्रम में जनक कुमारी बालिका इंटर कॉलेज, मोहम्मद हसन इंटर कॉलेज, राजा श्री कृष्ण दत्त इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जफराबाद की बालिकाओं द्वारा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया। जनक कुमारी बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा ने पूछा कि यदि हमारे पास मोबाइल उपलब्ध न हो या मोबाइल में नेटवर्क न हो तो हम अपनी सुरक्षा कैसे करें, इस पर अध्यक्ष आकांक्षा समिति ने बताया की बालिकाओं को स्वयं सेल्फ डिफेंस होना चाहिए। उसी क्रम में एक बालिका ने प्रश्न किया कि यदि एक परिवार में बालक और बालिका दोनों है तो परिवार वालों की प्राथमिकता होती है कि बालकों को अच्छे विद्यालय में शिक्षा दें ऐसी स्थिति में हम बालिकाएं क्या कर सकते हैं, इस पर एसडीएम मड़ियाहूं ने कहा कि कोई भी माता-पिता या नहीं चाहेगा कि मेरा बच्चा अच्छे विद्यालय में न पढ़े, सबसे पहले आप अपने माता पिता को विश्वास दिलाये कि आप जिस लक्ष्य को बनाकर चल रही हैं, उसे प्राप्त कर लेंगी। 
                     जिला सूचना अधिकारी व जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी द्वारा अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया की खुद के भीतर बनने का आत्मविश्वास होना चाहिए। परिस्थिति किसी भी व्यक्ति को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। यदि अपने विश्वास है तो आप अपना मुकाम हासिल अवश्य कर पाएंगे। तत्पश्चात अधिकारियों द्वारा ’’ महिलाओं हेतु चल रहे कार्यक्रमों/योजनाओं की पुस्तिका ’’ का विमोचन करवाया। जिस पुस्तक में भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित समस्त योजनाओं की विस्तार पूर्वक वर्णन है।यह पुस्तक एनआईसी साइट पर भी अपलोड है इस पुस्ताक में समस्त योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो पाएगी। 
                      कार्यक्रम में महिला शक्ति केंद्र, बाल संरक्षण अधिकारी चन्दन राय, महिला कल्याण अधिकारी नीता वर्मा, जिला समन्वयक प्रतिभा सिंह, बबीता व बाल संरक्षण इकाई के सदस्य, मनोज वत्स, उर्वसी सिंह, ममता गुप्ता, मीरा अग्रहरि, मुरलीधर गिरी, अवनीश मण्डी त्रिपाठी, केदार प्रजापति, राकेश अस्थाना, विजय अस्थाना सहित अन्य लोग उपस्थित रहें।

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