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एच डी एफ सी बैंक के स्थापना दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित

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लखनऊ
एच डी एफ सी बैंक द्वारा आज बैंक के स्थापना दिवस पर हज़रतगंज स्थित प्रतिभा टाकीज़ बैंक के मुख्यालय पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।इस रक्तदान शिविर का उद्घाटन ए डी जी क्राइम श्री के एस प्रताप द्वारा किया गया।पिछले 13 वर्षो से बैंक के प्रमुख श्री भावेश जावेरी के निर्देशन में रक्तदान अभियान बैंक द्वारा संचालित किया जा रहा है।बैंक के अधिकारियों एंव कर्मचारियों ने रक्तदान में महत्वपूर्ण रक्तदान किया। इस शिविर में 113 युनिट रक्तदान हुआ।इसअवसर पर बैंक के यूपी प्रमुख मधु गुप्ता भी उपस्थित थे।





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आईजी ज़ोन से मिले हाफ़िज़ ख़ुर्शीद , जानिए किन मसलों पर हुई बात

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जौनपुर । वरिष्ठ समजसेवी हाफ़िज़ खुर्शीद जौनपुरी ने आईजी ज़ोन वाराणसी विजय सिंह मीना से वाराणसी में शिष्टाचार मुलाकात किया । 
हाफ़िज़ ख़ुर्शीद ने आईजी से जौनपुर के कई मसायल पर तफ़सील से बात चीत किया तथा कई समस्याओं से अवगत कराया ।
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कांग्रेसियों ने मनाई इंदिरा गांधी की जयंती

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लखनऊ । देश की पूर्व प्रधानमंत्री महान राष्ट्र नेत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती के मौके पर वरिष्ठ कांग्रेसियों द्वारा सत्यदेव त्रिपाठी के आवास पर 102 वी जन्म जयंती का आयोजन किया गया । वक्ताओं ने श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा भूगोल बदलने वाला इतिहास निर्माण करने का महान व्यक्तित्व बताया । श्रीमती गांधी ने समाजवादी कार्यक्रम चलाकर देश के गरीबों , दलितों एवं अल्पसंख्यकों की बेहतरी का एजेंडा आगे बढ़ाया । वक्ताओं में पूर्व मंत्री पंडित रामकृष्ण द्विवेदी एवं सत्यदेव त्रिपाठी , पूर्व विधायक विनोद चौधरी , पूर्व एमएलसी सिराज मेहदी , वरिष्ठ नेता संजीव सिंह, सीपी भारती ,स्वयं प्रकाश गोस्वामी, मोहम्मद नासिर आदि ने विचार व्यक्त किया ।
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जौनपुर:शाही ईदगाह कमेटी के सदर मिर्जा दावर बेग ने हरी झंडी दिखा रवाना किया जश्ने ए नबी का जुलूस

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जौनपुर / मुख्यालय12 रबीउल अव्वल का जलसा व जुलूस का आगाज अपने परम्परा के अनुसार मछली शहर पड़ाव स्थित शाही ईदगाह के प्रागंण से हुआ।
सर्वप्रथम शाही ईदगाह के प्रागंण मे एक जलसा हाजी अफजाल के सरपरस्ती मे मुन्किद हुआ
जलसे का आगाज तिलावते कुरान पाक से कारी जिया ने किया।
इस मौके पर अपने संबोधन मे सेकेट्री मो सोएब अच्छु खाॅ ने बताया कि इस्लामिक महिने के
रबीउल अव्वल के 12 तारिख को नबीओ तथा पैगंबरो की कड़ी मे आखिरी नबी हजरत मोहम्मद का जन्म अरब के मक्का शहर मे 22 अप्रैल 571 ईस्वी मे हुआ।और उनकी वफात 8 जुन 632 ईस्वी मे हुआ
उन्होने बताया कि उस वक्त पुरे अरब मे जाहिलियत फैली हुई थी लड़कियो को पैदा होने पर पटक पटक मार दिया जाता था।
इसके अलावा आपसी लड़ाईयो मे लोग मशगूल रहते थे।
लोग अपनी नसलो को लड़ाई न खत्म करने की वसीयत कर मरते थे।
जुआ ,शराब,शिर्क जैसी तमाम बुराईया समाज मे व्याप्त थी।
ऐसे मे हजरत मोहम्मद ने जन्म लिया और समाज मे फैली बुराईयो को खत्म किया तथा धीरे धीरे समाज को सुधार कर इस्लाम के पैगाम को पुरी दुनिया मे फैलाया।
आप पर ही ईश्वरीय किताब कुरान नाजिल हुई।और अब कयामत तक न कोई नया धर्म
और न कोई पैगंबर पैदा होगा।
जलसे का संचालन नेयाज ताहिर शेखू ने किया
इसके बाद जुलूस को हरी झंडी दिखा कर कमेटी के सदर मिर्जा दावर बेग व अरशद कुरैशी ने संयुक्त रूप से रवाना किया।
जुलूस मे तमाम अजुमने हुजूर की शान मे नात पढ़ रही थी तथा अल्लाह का हम्द बया कर रही थी।
शहर व जिले तथा बाहर से आए हुए तमाम अखाड़े अपने हुनर का मुजाहरा कर रहे थे।
जुलूस अपने कदीमी रास्तो से होता हुआ शाही पुल,चाहरसू चौराहे,कोतवाली चौराहे तथा अलफस्टिनगंज होता हुआ अटाला मस्जिद देर रात पहुचता है जहा वो एक जलसे मे तब्दील हो गया है।
इस बीच कोतवाली चौराहे पर मरकजी सिरत कमेटी का आपसी भाईचारा के सिलसिले मे कौमी यकजहती का प्रोग्राम हुआ।
इस बीच पुरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया था।
रात भर बड़े बुढ़े बच्चो तथा महिलाओ ने मेले का लुत्फ लेगे।
शाही ईदगाह मे मुख्य रूप से हुमायूं अख्तर,रियाजुल हक़,हाजी इमरान ,अरशद कुरैशी, सद्दाम हुसैन,शाहिद सिद्दिकी,डा अजहर जाफरी,इरशाद मंसूरी,शकील मंसूरी,परवेज सलमानी,अरशद घौसी,अजीम जौनपुरी,अनवारूल हक गुड्डू , कमालुद्दीन अंसारी,सद्दाम सिद्दीकी,मो ताज,शहनवाज ,जफर राजा,राजन,हारून ,रशीद अहमद,असलम शेर खान,मजहर आसिफ,साजिद अलीम,साजिद हमीद,आरिफ हबीब,अलमास,सरफराज,सरताज सिद्दीकी ,अनवार खा,रूख्सार खान, आकिल जौनपुरी,अबुजर अंसारी,मुजफ्फर उल हक,हफीज शाह,इमरान बंटी,
आदी लोग मौजूद रहे।
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लखनऊ में दुर्गा पूजा ने बनाया विश्व रिकर्ड पी एम मोदी ने बधाई

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सज्जाद बाक़र


लखनऊ-भारत विविधताओं में एकता का देश है।यहां अनेक प्रकार के जाति-धर्म के लोग बड़े ही प्रेम और सद्भावना के व भाईचारे के साथ रहते हैं। ये देश तमाम त्योहारों के उत्सवों से बारहों मास प्रफुल्लित रहता है।जहाँ हर त्यौहार का अपना एक विशेष महत्व होता है,लेकिन जब बात आती है शक्ति की उपासना के महापर्व यानी की दुर्गा पूजा की तो हिंदू धर्म में मनाए जाने वाले इस महापर्व की रौनक पूरे भारत भर में विशाल रूप से देखने को मिलती है।दुर्गा पूजा भारतीय राज्यों असम, बिहार,झारखंड,मणिपुर, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में व्यापक रूप से मनाया जाता है,लेकिन साल 2019 की दुर्गा पूजा कई मायनों में लखनऊ वासियों के लिए बेहद खास रही।जहां विगत वर्षों से इस महापर्व का विशाल आयोजन उक्त राज्यों में होता रहा है,वहीं इस बार यानी कि साल 2019 की दुर्गा पूजा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस भव्यता के साथ आयोजित की गई कि उसे भारत सरकार की तरफ से विश्व के सबसे भव्य आयोजन के रूप में स्वीकार किया गया और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की तरफ से प्रशंसा पत्र भेट किया गया।
राजधानी लखनऊ के सहारा स्टेट में सद्भावना सांस्कृतिक समिति के अथक प्रयासों से इस बार राजधानी के इस भव्य पंडाल को विश्व के सबसे बड़े पंडाल के रूप में मान्यता मिली है।करीब 40198 स्क्वायर फीट में बना मां दुर्गा का ये भव्य पंडाल देखकर ना सिर्फ लखनऊ वासियों की बल्कि पूरे विश्व के लोगों की श्रद्धा कई गुना बढ़ गई।इस बार इस भव्य पंडाल को फिल्म बाहुबली के राजमहल की थीम पर सुशोभित किया गया था।जहां प्रतिदिन करीब एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती थी।जिस पंडाल में लखनऊ के बड़े से बड़ा नवाब मां के चरणों में अपनी अरदास लगाने पहुंच रहा था।मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासियों के द्वारा राजधानी लखनऊ की सरजमी पर इस तरह के भव्य आयोजन को देखने के लिए मानो पूरा लखनऊ टूट पड़ा हो।सबसे खास बात यह रही कि इस पंडाल में देश के अन्य राज्यों से भी लोग आए हुए थे।बात चाहे खानपान की हो,या फिर वेशभूषा की हो,यहां अन्य राज्यों की संस्कृति भी देखने को मिली।कार्यक्रम की शोभा को बढ़ाने के लिए तमाम नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ उम्र के सारे बंधनों को तोड़ते हुए कई सारे श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया।और शायद यही वजह है कि आज इस पंडाल को विश्व का सर्वोच्च पंडाल माना गया है। 
इस पूरे भव्य कार्यक्रम के कर्ताधर्ता और सद्भावना संस्कृत समिति के प्रमुख सौरव बंधोपाध्याय और उनकी टीम ने लखनऊ में सुशोभित विशाल पंडाल को विशाल दर्जा दिलाने के लिए अथक परिश्रम किया जहां इस बार की नवरात्रि में मौसम ने अपना एक अलग ही रुख दिखाया था वहीं इनके अडिग संकल्प और दृढ़ निश्चय से पूरे विश्व भर में मां दुर्गा के इस पंडाल ने एक अलग पहचान बनाई।साथ ही अमेरिका की एक बड़ी संस्था के द्वारा इसे विश्व के सर्वोच्च पंडाल का दर्जा मिला।
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करोड़ों का घोटाला: कागजों में तालाब, तालाबों में गंदगी

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मथुरा। प्रधानमंत्री जनपद में जिला प्रशासन द्वारा एक हजार से अधिक कुण्ड तालाबों की खुदाई में करोड़ों के घोटाले का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। द बृज फाउण्डेशन जहां इस घोटाले के लिये बृज तीर्थ विकास परिषद को जिम्मेदार ठहरा रहा है वहीं दूसरी तरफ परिषद के शैलजा कान्त मिश्र तालाबों की खुदाई योजना से साफ इंकार कर रहे हैं। इस घोटाले में कौन पाक साफ है और कौन घोटालेबाज है जब इसकी जांच पड़ताल की गई तो खोदे गये तालाब जमीनी धरातल पर घोटाले की पेाल खोलते नजर आये।
प्रधानमंत्री की जल संचयशक्ति योजना एवं स्वच्छता अभियान का सच उजागर करते छाता क्षेत्र का रानेरा का तालाब जिसे ग्रामीणों ने गोबर एवं उपलों से भर कर ढ़क दिया है।

द बृज फाण्डेशन के चेयरमैन एवं वरिष्ट पत्रकार विनीत नारायण ने गत दिवस जनपद में प्रधानमंत्री की जल संजय योजना के अन्तगर्त एक हजार से अधिक कुण्ड तालाबों की खुदाई में करोड़ों के घोटाले का आरोप बृज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कान्त मिश्र एवं सीईओ नागेन्द्र प्रताप पर लगाया था। जिसमें शैलजाकान्त मिश्र ने जहां तालाब खुदाई योजना से बृज तीर्थ विकास परिषद का कोई लेना-देना नहीं होना बताया बल्कि सभी आरोपों को भी निराधार बताया बल्कि उनके बचाव में जिला विकास अधिकारी रवि किशोर त्रिवेदी को भी मैदान में उतरना पड़ा जिन्होंने जनपद में 1046 तालाबों का जीणोद्धार होना बताया जिसमें 2019-20 वर्ष में मनरेगा के तहत 509 एवं चैदहवें वित्त आयोग की धनराशि से 537 तालाबों का जीर्णोद्धार/सुद्धठीकरण होना बताया गया। जिनकी जियो टैगिंग भी किया जाना बताया गया। ये कार्य जनपद की 10 ब्लाक की 515 में ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों द्वारा भी किया जाना बताया गया।
जिला विकास अधिकारी के अनुसार ग्राम पंचायतों में पूर्व से स्थित तालाबों का ग्राम विकास विभाग राष्ट्रीय ग्रामीण योजना के अन्तगर्त तथा पंचायती राज विभाग की चैदहवें वित्त आयोग की धनराशि से फरह 115, मथुरा 96, बल्देव 171, राया 161, मांट 68, नौहझील 64, नन्दगांव 76, छाता 89, चैमुहां 82, गोवर्धन ब्लाक में 94 तालाबों का जीर्णोद्धार होना तो बताया गया है लेकिन इन तालाबों पर कितनी राशि खर्च की गई इसका खुलासा नहीं किया गया। इस सम्बंध में ‘‘विषबाण’’ टीम द्वारा जांच पड़ताल करने का प्रयास किया तो बताया गया कि तालाब सम्बंधित डाटा डीपीडीपी नाम की सरकारी बेबसाइट पर हैं। लेकिन तमाम प्रयास के बाद भी डाटा उपलब्ध नहीं हो सका। छाता क्षेत्र के गांव रान्हेरा में तालाबों के जीर्णेाद्धार का सच देखा गया तो ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 6 से अधिक तालाब हैं जिसमें से दो तालाबों की खुदाई कुछ वर्षों पूर्व कराई गई थी लेकिन गांव के गन्दे पानी के अलावा एक बून्द पानी कभी नहीं भरवाया गया।
नौहझील में लाखों की लागत से हुई झीलों की खुदाई को 11 जून 2019 को तपती दोपहरी में देखते हुए बृज विकास तीर्थ परिषद के उपाध्यक्ष शैजलाकान्त मिश्र एवं सीईओ नागेन्द्र प्रताप सिंह जो अब सफाई दे रहे हैं कि तालाबों के जीर्णोद्धार से अब कोई लेना देना नहीं है। 

ग्रामीणों ने सड़क किनारे बने तालाब को देखते हुए कहा कि इस तालाब को ग्रामीणों ने कूड़े कचरे से भर दिया है साथ ही गन्दा पानी जाने से बीमारियां फैलती रहती हैं। जिसकी कई वर्षों से आजतक ना तो कभी सफाई कराई गई और न ही खुदाई कराई गई। इसी तरह कभी जनपद की शान रही नौहझील की नौ झीलों को कब्जा धारियों के कब्जे से मुक्त कराकर उनकी खुदाई कराई गई जिस पर लाखों की राशि ग्राम पंचायत द्वारा खर्च की गई। जिसका मौका मुआयना करते हुए बृज तीर्थ मिश्रा, सीईओ नागेन्द्र प्रताप ने कहा था कि फिर से झीलों को चमकाया जायेगा और पुनः देश में यह पर्यटन का केन्द्र बनेगी। लेकिन खुदाई के बाद भी ब्लाॅक पर कोई अधिकारी कर्मचारी कुछ भी करने को तैयार नहीं हुआ।
विकास की पटकथा लिखने वाला खण्ड विकास कार्यालय नौहझील जहां ना अफसर दिखाई देते हैं न कर्मचारी फिर भी लिख जाती है करोड़ों के विकास की कहानी।

मांट ब्लाक की मावली ग्राम पंचायत में भी दो तालाबों की खुदाई पर चार लाख से अधिक की राशि ग्राम प्रधान द्वारा खर्च होना बताया गया। लेकिन तालाबों का पानी कहां गया। ये कोई बताने को तैयार नहीं हुआ। तालाब घोटाले में खास बात तो ये है कि ज्यादातर तालाबों की खुदाई कागजों में की गई है जिनकी थोड़ी बहुत खुदाई की भी गई तो उसका कार्य मनरेगा मजदूरों की जगह जेसीबी से कराकर लाखों का भुगता

न मजदूरों के नाम पर दर्शाकर निकाल लिया गया। बृज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैजलाकान्त मिश्र जहां तालाब जीर्णोद्धार के घोटाले से अपना कोई लेना-देना नहीं बता रहे हैं लेकिन सवाल ये है कि जब उनका कोई लेना-देना नहीं था तो कस्ब मांट में तालाब जीर्णोद्धार में क्यों उपस्थित रहे बल्कि नौहझील में झीलों की खुदाइ्र का स्वयं अवलोकन उसके विकास की घोषण की थी। इस सम्बंध में ‘‘विषबाण’’ द्वारा शैजला कान्त मिश्र से विनीत नारायण के आरोपों के सम्बन्ध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुण्डों की खुदाई की कोई योजना ना तो बृज तीर्थ विकास परिषद ने बनाई है और न ही किसी तालाब की खुदाई कराई है, नौहझील की झीलों की खुदाई को देखने गया था लेकिन उनके द्वारा इस सम्बन्ध में घोषणा की गई थी। उनका तालाब जीर्णोद्धार एवं सुद्धीकरण से कोई लेना-देना नहीं है।

दूसरी तरफ दा बृज फाण्डेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण ने कहा कि प्रशासन को जिन कुण्डों का जीर्णोद्धार कराया है उनकी सूची खर्च सहित जारी करनी चाहिये उन्होंने कहा कि बृजतीर्थ विकास परिषद का गठन ही बृज के सर्वागीण विकास और सरकार द्वारा विकास कार्यों को सही ढ़ंग से अमली जामा पहनाने के लिये किया गया था जिस पर सरकार प्रति माह लाखों की रकम खर्च कर रही है। श्रीनारायण का कहना है कि प्रधानमंत्री ‘‘जल शक्ति अभियान’’ को भ्रष्टाचार की भैंट चढ़ा दिया गया है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिये। दूसरी तरफ बताया जा रहा है कि दा बृज फाउण्डेशन द्वारा कुण्ड तालाबों के जीर्णोद्धार पर उंगली उठाये जाने के बाद तालाब घोटाले का जिन्न बाहर निकलता दिखाई दे रहा है जिसकी शिकायतें पीएमओ कार्यालय से लेकर लखनऊ तक हो रही हैं। जिससे कई अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
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