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बंदियों के दो गुटों में भीषण सघर्ष

मामला नियंत्रित करने में पुलिस को लगे 8 घण्टे

अयोध्या । मण्डल कारागार में उस समय अफरा तफरी मच गयी जब कैदियों के दो गुट आपस में भिड़ गये और मारपीट करने लगे। कारागार प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद जब मामला नियंत्रित नहीं किया जा सका तो जिला व पुलिस प्रशासन से मदद मांगी गयी। 

बड़ी संख्या में आला अधिकारियों के साथ पुलिस बल कारागार पहुंचा परन्तु एक कैदी ने माचिस ले रसाईगैस सिलेंडर में आग लगाने की धमकी दी जिससे पुलिस बल के पांव थम गये। 

करीब 8 घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रण में आयी और पुलिस प्रशासन ने घायल कैदियों को एक-एक कर इलाज के लिए ले जाना शुरू किया। मामले की सूचना पाकर डीआईजी कारागार श्रीपणा गांगुली राजधानी लखनऊ से अयोध्या कारागार पहुंची और मामले की जानकारी हासिल की ।

पुलिस की कड़ी अभिरक्षा में जिन घायल कैदियों को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया उनमें उम्रकैद का दण्ड भोग रहे 29 वर्षीय भोला पुत्र आशाराम निवासी ग्राम धर्मदासपुर थाना पूराकलन्दर, 36 वर्षीय धमेन्द्र कुमार पुत्र तिलकराम निवासी दर्शननगर, 50 वर्षीय राम अचल पुत्र अज्ञात, 45 वर्षीय अशोक यादव पुत्र राम भरोस निवासी टांडा अम्बेडनगर, 35 वर्षीय सुमिरन मिश्र पुत्र रामराज निवासी पलिया लोहानी व उसका भाई 46 वर्षीय शारदा प्रसाद मिश्र व 57 वर्षीय अनूप उपाध्याय पुत्र शिवपूजन उपाध्याय निवासी जगदीशपुर जनपद अमेठी, 40 वर्षीय मुकेश पुत्र राम केवल निवासी सोहावल थाना रौनाही शामिल हैं। दो कैदियों की हड्डियां चटक गयी हैं तथा जिला चिकित्सालय में तीन कैदियों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। अन्य मामूली रूप से घायल कैदियों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।


बताया जाता है कि उम्रकैद की सजा भुगत रहे भोला को कुछ कैदियों ने जब पीटना शुरू किया तो मामला उग्र हो गया। दोनों पक्ष के लोग आपस में भिड़ गये और जमकर मारपीट होने लगी। चूंकि रसाई गैस सिलेंडर में आग लगाकर विस्फोट करने की धमकी मिल रही थी इसलिए जेल पुलिस की हिम्मत नहीं पड़ी कि वह मारपीट को रोंक सके। सूचना मिलने के बाद डीएम डॉ. अनिल कुमार, एससपी जोगेंद्र कुमार, एसपी सिटी अनिल सिंह सिसोदिया, एसपी ग्रामीण संजय कुमार सहित कई क्षेत्राधिकारी और भारी पुलिस अमला मंडल कारागार के अंदर पहुंचकर जांच करने में जुट गया। इसी बींच डीआईजी जेल श्रीपणा गांगुली के पहुंच जाने के बाद जेल के मुकामी आलाधिकारियों ने वस्तु स्थिति की जानकारी उन्हें दिया। बताया यह भी जा रहा है कि चार दिन पहले आजमगढ़ से आये कैदियों को जब लम्बरदार भोला ने मोबाइल रखने पर टोंका तो झगड़ा शुरू हुआ।


कारागार से निरीक्षण के बाद वापस बाहर निकले जिलाधिकारी डॉ अनिल कुमार ने बताया कि फिलहाल हालात सामान्य है। बंदियों के गुटो के प्रतिनिधि से कई चक्र बातचीत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जल्दी हालात सामान्य हो जाने की उम्मीद है। हालांकि प्रशासन ड्रोन कैमरे की भी मदद से भी जेल परिसर की निगरानी करायी गयी। अग्निशमन विभाग ने भी सीढ़ियों का उपयोग किया जिनके सहारे प्रशासन ने बंदियों से बात करने की कोशिश शुरू की गयी ।

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