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भारतीय संस्कृति में सर्वोच्च है गुरू का स्थानः राकेश श्रीवास्तव

जौनपुर। गुरूर्ब्रह्मा, गुरूर्विष्णु, गुरूर्देवो महेश्वरः। गुरू साक्षात् परं ब्रह्मा तस्मै श्री गुरूवे नमः। भारतीय संस्कृति में गुरू का सर्वोपरि है तथा उनका स्थान सर्वोच्च है। उक्त बातें नगर के श्री बाबा बारीनाथ मठ संस्थान पर आयोजित गुरू पूर्णिमा महोत्सव में अपने गुरू जनसंत योगी देवनाथ जी महाराज का आशीर्वाद लेते हुये राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने आगे कहा कि हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि गुरू पूर्णिमा के रूप में जानी जाती है। यह पर्व अति उमंग व हर्षोल्लास के साथ मनाने की परम्परा अनादि काल से चली आ रही है। इसके पहले कर्मचारी नेता श्री श्रीवास्तव ने गुरू देवनाथ जी के चरणों पर पुष्प अर्पित किया जिसके बाद मत्था टेक करके आशीर्वाद लिया। तत्पश्चात् गुरू जी ने उन्हें सुख, समृद्धि, खुशहाली का आशीर्वाद देते हुये कहा कि शिष्यों की खुशहाली में ही गुरू का आनन्द छिपा है। बता दें कि उक्त संस्थान पर बीते 14 जुलाई से गुरू पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन शुरू हुआ जिसका समापन 16 जुलाई मंगलवार को समाप्त हुआ। इस अवसर पर श्याम मोहन अग्रवाल, नीरज शाह, रवि, अंशिका, विजय मौर्य, मोती लाल मौर्य सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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